
श(फुरकान अंसारी)
देहरादून।दिनांक 23-02-2026 को पुलिस लाइन देहरादून में तैनात हे० कां० इमरान अली को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि उत्तरकाशी निवासी एक व्यक्ति की पत्नी, जो जॉली ग्रांट स्थित अस्पताल में गंभीर अवस्था में भर्ती हैं, को तत्काल रक्त की आवश्यकता है।
पवित्र रमज़ान माह में रोज़े की हालत, बदन में कमजोरी — लेकिन दिल में इंसानियत का जज़्बा लिए इमरान अली बिना देर किए अस्पताल पहुँचे और रोज़ा तोड़कर रक्तदान किया। उनके इस निस्वार्थ कदम से एक जरूरतमंद महिला को समय पर रक्त मिल सका और उसके परिजनों को बड़ी राहत मिली।
महिला के परिजनों ने भावुक होकर दून पुलिस का आभार व्यक्त किया और कहा कि “ऐसे पुलिसकर्मी समाज के लिए प्रेरणा हैं, जो वर्दी के साथ-साथ इंसानियत का फर्ज़ भी निभाते हैं।”
हे० कां० इमरान अली ने विनम्रता से कहा —
“रोज़ा अपनी जगह है, लेकिन किसी की जान बचाना सबसे बड़ी इबादत है। अगर मेरे रक्तदान से किसी की ज़िंदगी बच सकती है, तो इससे बड़ी खुशी मेरे लिए कोई नहीं। इंसानियत ही सबसे बड़ा मज़हब है।”
दून पुलिस का यह मानवीय चेहरा एक बार फिर साबित करता है कि वर्दी केवल कानून-व्यवस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और सेवा भावना का भी प्रतीक है।
सलाम है ऐसे नेक जज़्बे को,
और सलाम दून पुलिस को,
जो हर हाल में इंसानियत के साथ खड़ी रहती है।







